सरकारी गोदामों में चावल का भंडार सरप्लस होने के बीच सरकार इस खरीफ सीजन में 708.64 लाख टन धान खरीदने जा रही है। हालांकि यह पिछले खरीफ सीजन में हुई 810.72 लाख टन खरीद से 102 लाख टन कम है। इसे किसानों से सरकारी खरीद घटाने के बजाय पहले से भरे भंडार को देखते हुए नई फसल की खरीद का संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पिछले साल से 6% ज्यादा चावल मौजूद
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक केंद्रीय पूल में अभी करीब 402 लाख टन चावल उपलब्ध है। पिछले साल 1 अगस्त को यह करीब 380 लाख टन था। यानी इस बार सरकारी भंडार में 6% ज्यादा चावल मौजूद है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जुलाई के लिए चावल का न्यूनतम बफर मानक करीब 135.40 लाख टन है। इसके मुकाबले केंद्रीय पूल में उपलब्ध चावल लगभग 3 गुना है। ऐसे में यदि पिछले साल की तरह ही बड़ी मात्रा में धान खरीदा जाता तो सरकारी गोदामों पर भंडारण का दबाव और बढ़ता।
वास्तविक खरीद का आंकड़ा और अधिक
सरकार को दूसरी तरफ वेलफेयर स्कीम्स के लिए भी लगातार चावल की जरूरत होती है। इसलिए खरीद को बहुत ज्यादा घटाना ठीक नहीं। ताजा खरीद का अनुमान इसी जरूरत और उपलब्ध भंडार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। हालांकि मंत्रालय का यह शुरुआती अनुमान है। वास्तविक खरीद का आंकड़ा इससे ज्यादा भी हो सकता है।