आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। बैंक के 10,000 से अधिक कर्मचारी 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज के आह्वान पर बुलाई गई है, जो बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
कनाडाई होल्डिंग कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड, IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी खरीद रही है। इसके लिए वह ₹52,878 करोड़ देगी। इसमें भारत सरकार 30.48% और LIC 30.24% अपने हिस्सेदारी बेच रही है। बताते चलें कि फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के मालिक भारत में जन्मा कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स हैं।
क्या है कर्मचारियों की मांग
कर्मचारी संगठन ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन से निजीकरण की प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आईडीबीआई बैंक का पुनरुद्धार (टर्नअराउंड) किसी निजी निवेश के कारण नहीं, बल्कि सरकार, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ है।