रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है कि रूस से टकराव बढ़ाना उनके लिए महंगा पड़ सकता है।
मॉस्को में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा, अगर बाल्टिक सागर में जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की गई, तो वहां भी होर्मुज जैसे हालात बन सकते हैं।
पुतिन ने कहा कि रूस यूरोप के साथ युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर कोई देश उससे टकराव करता है तो उसे इसके नतीजों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तनाव बहुत ज्यादा बढ़ा तो किसी की जीत नहीं होगी।
बाल्टिक सागर को लेकर क्यों नाराज हैं पुतिन
- बाल्टिक सागर रूस और यूरोप के बीच सामान लाने-ले जाने का एक अहम रास्ता है। रूस समेत कई यूरोपीय देश इसका इस्तेमाल व्यापार के लिए करते हैं। यहां से तेल, गैस और दूसरी चीजें जहाजों के जरिए एक देश से दूसरे देश पहुंचाई जाती हैं।
- यूक्रेन से जंग शुरू होने के बाद रूस और यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। बाल्टिक सागर के आसपास नाटो देशों की मौजूदगी भी है। रूस को डर है कि अगर यूरोपीय देशों ने उसके जहाजों को इस रास्ते से गुजरने से रोका, तो उसके व्यापार पर असर पड़ेगा।
- पुतिन इसी बात को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जहाजों की आवाजाही रोकी गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। इसका असर सिर्फ रूस पर नहीं, बल्कि दूसरे देशों के व्यापार पर भी पड़ेगा।