भारतीय खाद्य निगम (FCI) की ओर से 4 नवंबर को आयोजित ई-नीलामी में महाराष्ट्र को छोड़कर देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में कीमतों में ₹59 से ₹344 प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, नीलामी में प्रोसेसर्स की भागीदारी बढ़ाने और बिक्री के लिए गेहूं की मात्रा दोगुनी करने से कीमतों में गिरावट आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक FCI के नीलामी पोर्टल से मिले आंकड़ों के अनुसार, गुजरात को छोड़कर राज्यों में कुल 1.91 लाख टन गेहूं बिक्री के लिए रखा गया था, जिसमें से सफल बोलीदाताओं ने 1.78 लाख टन गेहूं उठाने की इच्छा जताई। सरकार ने इस नीलामी में कुल 1.99 लाख टन गेहूं बिक्री के लिए रखा था, जबकि पिछले सप्ताह यह मात्रा 1.01 लाख टन थी। इसमें गुजरात के लिए 8,000 टन गेहूं भी शामिल था। हालांकि, शाम तक गुजरात की नीलामी का विवरण उपलब्ध नहीं हो पाया था। इस हफ्ते गेहूं का कुल उठाव मामूली घटकर करीब 93 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछली नीलामी में यह 98 प्रतिशत था। पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में प्रस्तावित मात्रा की तुलना में कम बोलियां प्राप्त हुईं।