सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएसी परीक्षाओं में OBC क्रीमी लेयर आरक्षण पर केंद्र सरकार की संशोधन याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि ओबीसी आरक्षण के तहत ‘क्रीमी लेयर’ तय करने का आधार केवल माता-पिता की सैलरी या आय को नहीं बनाया जा सकता।
अदालत ने कहा कि किसी उम्मीदवार को आरक्षण के दायरे से बाहर करने के लिए केवल वेतन को पैमाना मानना सही नहीं है। इसके लिए माता-पिता के सोशल स्टेटस और उनके पद की प्रकृति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
केंद्र ने PSU (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों) और प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों के पदों की सरकारी पदों से समानता तय करने और नई व्यवस्था बनाने के लिए दो साल का समय मांगा था।
सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग स्वीकार नहीं की। कोर्ट ने फैसले का पालन करने के लिए आठ हफ्ते का अतिरिक्त समय दे दिया है।