चुनाव आयोग के साथ ही एसआईआर को लेकर सत्तापक्ष को घेर रहे विपक्ष को आधार कार्ड की जगह अब वोटर आईडी कार्ड से ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिए जाने की सरकार की घोषणा के बाद विपक्षी दलों को वोट चोरी विवाद को नया आयाम देने का मौका मिल गया है।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने यह मौका न गंवाते केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह लल्लन के बयान का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सिर्फ वोट चोरी नहीं – ये हक चोरी है तथा एसआइआर में हटाए गए करोड़ों लोगों को उनके लाभ से वंचित करने की साजिश है और कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी।
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के इस बयान कि, अब आधार लाभार्थियों के भुगतान का आधार नहीं रहेगा क्योंकि अब हर गली में आधार बनाने वाले हैं और पांच मिनट में कोई भी आधार बनवा लेता है, इसलिए अब वोटर आइडी के इपिक नंबर और बायोमेट्रिक्स से ही लाभ दिया जाएगा, का वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार पर यह निशाना साधा।
राहुल गांधी ने इस पोस्ट में कहा साजिश बहुत गहरी है, इत्मीनान से समझिए। एसआईआर के नाम पर करोड़ों नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं। रोका नहीं गया तो और भी काटे जाएंगे। ज्यादातर नाम किनके? जो भाजपा के खिलाफ आक्रोश में हैं।
एसआईआर को लोकतंत्र पर कब्जे का प्रयास बताते हुए राहुल गांधी ने कहा नाम कटने के बाद देखते ही देखते आप एक हाइजैक लोकतंत्र के अदृश्य नागरिक बन जाएंगे जहां जनता सरकार नहीं चुनेगी, सरकार अपनी जनता चुनेगी। आज पंचायती राज की योजनाएं। कल राशन? पेंशन? मनरेगा? आवास? छात्रवृत्ति? आरक्षण? यह चुनाव जीतने की राजनीति नहीं, चुनाव चोरी का इंतजाम और सत्ता में बने रहने का स्थायी बंदोबस्त है।