राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि टाटा ग्रुप को क्रिमिनल तरीके से बर्बाद किया जा रहा है। कोई भी बिजनेस लीडर एक शब्द भी कहने की हिम्मत नहीं कर रहा है।
उन्होंने X पर लिखा- इंडियन बिजनेस सरकार का खिलौना नहीं है। हम इन अपराधों का इंसाफ करेंगे।
इसके जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राहुल अविश्वास फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए।
दरअसल, टाटा ग्रुप में विवाद टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच है। नोएल चंद्रशेखरन की फिर से नियुक्ति के फेवर में नहीं थे। वहीं, RBI चाहता है कि टाटा संस शेयर बाजार में लिस्ट हो ताकि पारदर्शिता बनी रहे। हालांकि, 66% हिस्सेदारी रखने वाला टाटा ट्रस्ट्स इसके सख्त खिलाफ है, क्योंकि इससे ग्रुप पर उसका कंट्रोल कम हो सकता है।