तीन बार के एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का मंगलवार रात दिल्ली में निधन हो गया। कोच का दावा है कि उनकी मौत जहर खाने से हुई है। नीरज डोपिंग के चलते 4 साल से प्रतिबंधित थे।
42 साल के नीरज यादव पैरा एथलेटिक्स की F-55 कैटेगरी में हिस्सा लेते थे। इसमें खिलाड़ी बैठकर थ्रो करने वाले इवेंट में हिस्सा लेते हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सोनीपत के एक अपार्टमेंट में घर पर बेहोश मिलने के बाद नीरज को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दिल्ली के GTB अस्पताल में बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुमित अंतिल और विपिन कसाना अस्पताल पहुंचे
नीरज के निधन की खबर मिलने के बाद पैरालिंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और पैरा-एथलीट विपिन कसाना GTB अस्पताल पहुंचे। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
6 महीने से परिवार से अलग रह रहे थे नीरज, एक बच्ची को गोद लिया था भारत के मुख्य पैरा-एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने बताया, नीरज पिछले 6 महीने से सोनीपत के एक अपार्टमेंट में अपनी मां और पत्नी से अलग रह रहे थे। उनकी मां और पत्नी दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के पास रहती थीं। नीरज ने एक बच्ची को गोद लिया था, जो उनकी मां और पत्नी के साथ रहती थी।