
किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अचानक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। दोनों के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक पहले से तय नहीं थी।
इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ नजर आए। SCO समिट में अपने संबोधन के दौरान PM मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की जरूरत बताई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने पर जोर दिया।
PM मोदी के SCO भाषण की बड़ी बातें….
1. आतंकवाद को जड़ से खत्म करना जरूरी
सिर्फ आतंकियों को पकड़ना या मारना काफी नहीं है। उन्हें पैसा कौन देता है, भर्ती कैसे होती है और कहां छिपते हैं, इस पूरे नेटवर्क को खत्म करना होगा।
2. आतंकवाद पर सब देश एक साथ रहें
कुछ देशों के लिए आतंकवाद गलत और कुछ के लिए सही नहीं हो सकता। सभी को आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सख्त नीति अपनानी होगी।
3. जंग का समाधान बातचीत से निकले
पश्चिम एशिया में जंग का असर दूर-दूर तक पहुंचता है। देशों के बीच विवाद होने पर युद्ध करने के बजाय बातचीत और कूटनीति से रास्ता निकालना चाहिए।
4. SCO संस्कृति और विचारों को जोड़ने का मंच
मोदी ने कहा कि भारत के लिए SCO अलग-अलग देशों की सभ्यता, संस्कृति और विचारों को जोड़ने वाला मंच भी है।