प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को देश के मेट्रो रेल नेटवर्क के तेजी से हुए विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि 2014 में पांच शहरों में केवल 248 किलोमीटर तक सीमित यह नेटवर्क आज 26 शहरों में लगभग 1,200 किमी तक फैल गया है। उन्होंने कहा कि इस तेज विस्तार ने शहरी आवागमन को बदल दिया है और लाखों यात्रियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के मेट्रो नेटवर्क के उल्लेखनीय विस्तार के बारे में बताया कि वर्ष 2014 में देश के पांच शहरों में केवल 248 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क था, जबकि आज 26 शहरों में लगभग 1,200 किलोमीटर तक इसका विस्तार हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो नेटवर्क के इस विस्तार से लोगों का यातायात में लगने वाला समय बच रहा है, उन्हें परिवार के साथ अधिक समय बिताने का अवसर मिल रहा है, उत्पादकता बढ़ रही है और बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि शहरी भारत के लिए सरकार इसी परिवर्तन को साकार करने की दिशा में काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा:
“मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं…
यदि भारत का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 से पहले की गति से ही बढ़ता रहता, तो पुणे जैसे शहरों में मेट्रो सेवा शुरू होने के लिए लोगों को और कितने समय तक इंतजार करना पड़ता?
वर्षों… नहीं… शायद दशकों तक!
और यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था।
वर्ष 2014 में देश के पांच शहरों में केवल 248 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क था।
आज 26 शहरों में लगभग 1,200 किलोमीटर तक इसका विस्तार हो चुका है।
प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं।
इसका प्रभाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है।
इसका अर्थ है यातायात में कम समय लगना, परिवार के साथ अधिक समय बिताना, बेहतर उत्पादकता और अधिक अवसर।
शहरी भारत के लिए हम इसी परिवर्तन को साकार करने की दिशा में काम कर रहे हैं!”