रक्षा अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सेवा जारी रखने के इच्छुक, शारीरिक रूप से स्वस्थ और अनुशासित सभी सेवारत अग्निवीरों को छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्निपथ भर्ती योजना को वापस नहीं लिया गया है।
यह स्पष्टीकरण सरकार की उस घोषणा के एक दिन बाद आया, जिसमें कहा गया था कि चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। इसके बाद मानदंड पूरे करने वाले अग्नि वीरों को स्थायी रूप से भर्ती किया जाएगा।
इच्छुक अग्निवीर छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनेंगे
जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों को चार साल के लिए भर्ती किया गया था। इसमें से केवल 25 प्रतिशत को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रविधान था।
चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को योजना में बदलावों की घोषणा की थी, जब करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल जल्द पूरा होने वाला है और वह सशस्त्र बलों से बाहर होने वाले थे।
अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार भी मिलेगा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने और स्थायी भर्ती का निर्णय लिया गया था। रक्षा अधिकारियों ने कहा कि अग्निवीरों की वरिष्ठता सुरक्षित रहेगी और उन्हें नियमित सैनिक बनने पर अपने बैचमेट के तुरंत बाद रखा जाएगा।
अग्निपथ योजना में बदलाव की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब युवाओं के विरोध प्रदर्शन जारी हैं और विपक्ष बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमले कर रहा है। फिलहाल, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए तीन लाख से अधिक सैनिक सेना में सेवा दे रहे हैं।