हवाई टिकटें महंगी होना तय, फ्यूल पर खर्च बढ़ा:इंडिगो का तिमाही घाटा ₹1,879 करोड़, रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹23,364 करोड़ हुआ

इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड का वित्त वर्ष 2027 की सितंबर तिमाही में घाटा 27% कम हो गया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹1,879 करोड़ रहा।पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹2,582 करोड़ का घाटा हुआ था।

एयरलाइन का कहना है कि फ्यूल महंगा होने से उसका मुनाफा प्रभावित हुआ है। कंपनी के सीईओ विली वॉल्श ने कहा कि फ्यूल बिल में भारी बढ़ोतरी के कारण एयरलाइन के पास अब हवाई टिकटों के दाम बढ़ाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है।

पहले भी किराया बढ़ा चुकी है इंडिगो

इंडिगो के कुल खर्च का लगभग 40% हिस्सा ईंधन में जाता है। हाल ही में फ्यूल के दाम 14% से ज्यादा बढ़ गए हैं, इसलिए कंपनी ने 6 अक्टूबर से किराए में नया ‘फ्यूल चार्ज’ जोड़ दिया था।

उम्मीद से कम रहा इंडिगो का घाटा

इस बार का घाटा ₹2,063 करोड़ के कंसेंसस अनुमान से भी कम रहा। यानी, बाजार के जानकारों का मानना था कि कंपनी को इस बार करीब ₹2,063 करोड़ का घाटा होगा। लेकिन जब नतीजे आए, तो घाटा उम्मीद से कम ₹1,879 करोड़ निकला।

रेवेन्यू 25.9% बढ़कर ₹23,364 करोड़ पहुंचा

घाटे में कमी के साथ-साथ कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 25.9% बढ़कर ₹23,364 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹18,555 करोड़ था।

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