बीएचयू: प्रवेश परीक्षा के ख़िलाफ़ ‘छात्र सत्याग्रह’ जारी, प्रशासन का किसी भी विरोध से इंकार

ये विरोध काशी हिंदू विश्वविद्यालय यानी बीएचयू के छात्रों का है। कोरोना संकट के बीच आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं को लेकर छात्र और प्रशासन एक बार फिर आमने-सामने हैं। महामारी के चलते छात्र लगातार परीक्षाएं टालने की मांग कर रहे हैं।

सोशल मीडिया से लेकर विश्वविद्यालय तक छात्रों का विरोध जारी है तो वहीं प्रशासन किसी भी विरोध से इंकार कर, सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है।

बता दें बीएचयू में प्रवेश परीक्षाओं के विरोध में बीते दस दिनों से विश्वविद्यालय परिसर धरना जारी है, जिसे छात्रों ने सत्याग्रह का नाम दिया है। छात्र लगातार ट्विटर के माध्यम से भी परीक्षाओं को लेकर अपनी आपत्ति लगातार दर्ज करवा रहे हैं। छात्रों का दावा है कि कैंपेन को 60 लाख लोगों का समर्शन भी मिला है।

बीएचयू के सूचना एवं जन संपर्क कार्यालय की एक अधिसूचना के अनुसार काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रथम चरण की प्रवेश परीक्षाएं 24 अगस्त से 31 अगस्त के बीच आयोजित होंगी वहीं दूसरे चरण की प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन 9 से 18 सितंबर के बीच किया जाएगा।

छात्र इन्हीं परीक्षाओं के आयोजन को लेकर विरोध कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए लाखों की संख्या में अभियार्थियों का परीक्षा केंद्रों तक पहुंचा और पेपर देना बहुत ही बड़ा जोखिम मोल लेने वाली बात है।

ऐसे में ये भी हो सकता है कि जिन लोगों के पास संसाधनों की अच्छी पहुंच है, वो फिर भी सफल हो जाएं लेकिन जो अभियार्थी कमज़ोर तबके के हैं या बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों में रहते हैं उनकी चुनौती और बढ़ जाएगी।

13 अगस्त से सत्याग्रह पर बैठे बीएचयू के छात्र नीरज का कहना है कि जब तक देश में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में नहीं आ जाती, हालात थोड़े सामान्य नहीं हो जाते तब तक सभी प्रकार की परीक्षाएं स्थगित होनी चाहिए।

नीरज ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताया, “हमारी तमाम कोशिशों और विरोध के बावजूद बीएचयू प्रशासन द्वारा प्रवेश परीक्षाओं का ऐलान कर दिया गया। हमने प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर वाइस चांसलर से मिलने का अनुरोध किया, लेकिन अभी तक न तो कुलपति और नाही कोई कोई प्रशासनिक अधिकारी हमसे मिले हैं।

हमने अपनी मांगों को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक समेत बंगाल, बिहार और कई प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र लिखा है लेकिन अभी तक हमें कहीं से कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है।

मालूम हो कि नीरज द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखा गया है। पत्र के माध्यम से नीरज ने बीएचयू की प्रवेश परीक्षा के लिए सभी सेंटर्स पर महामारी से बचने की व्यवस्था करने और ऐसा न होने कि स्थिति में परीक्षा स्थगित करने की मांग की है।

इसे शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *