रिटेलर्स और कपड़े बनाने वाली कंपनियों के बीच चर्चा है कि फेस्टिव सीजन से पहले ज्यादा कीमत वाले UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगने से ग्राहकों के लिए कीमतें बढ़ेंगी। ऐसा तब है जब केंद्र सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि रिटेलर्स MDR चार्ज सीधे ग्राहकों पर नहीं डाल सकते।
माना जा रहा है कि भले ही बढ़ी हुई कीमतों को UPI सरचार्ज के तौर पर नहीं दिखाया जाएगा, लेकिन कई रिटेलर्स ने त्योहारों के मौसम के आखिर तक जो बढ़ोतरी रोक रखी थी, उसे अब लागू किया जाएगा
रिटेलर्स बढ़ा सकते हैं दाम?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अलग-अलग कैटेगरी के रिटेलर्स कीमतें बढ़ा सकते हैं या त्योहारों पर मिलने वाली छूट कम कर सकते हैं, क्योंकि वे पहले से ही महंगाई और इस त्योहारों के मौसम में लॉजिस्टिक्स की ज्यादा लागत का सामना कर रहे हैं। इसकी वजह साल की शुरुआत में वेस्ट एशिया युद्ध से जुड़ी रुकावटें थीं।