लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान अगस्त में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए राष्ट्रीय लोकदल मुखिया जयंत चौधरी पर तंज कसा- ”जाने कहां-कहां से आ गए थे गठबंधन वाले। हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, तब भी हमें छोड़ के चले गए।” यह बयान सुर्खियां बन गया। इस टिप्पणी को जाट, किसान और पिछड़ों के स्वाभिमान से जोड़ दिया गया।