तमिलनाडु के सीएम विजय ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विजय का यह बयान नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की एक्ट्रेस त्रिशा को लेकर की गई डबल मीनिंग टिप्पणी के विवाद के बीच आया है। पुलिस ने 4 अगस्त को उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया था।
विजय ने कहा कि विकास के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। पुलिस का काम सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि राज्य के विकास की नींव मजबूत करना भी है।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग कानून का पालन करते हैं, उनके लिए पुलिस दोस्त है और जो कानून नहीं मानते, उनके लिए पुलिस दुश्मन है। राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों को पुलिस के काम में दखल नहीं देना चाहिए।
उदयनिधि से पुलिस ने 8 घंटे तक पूछताछ की थी
उदयनिधि स्टालिन ने यह कथित डबल-मीनिंग टिप्पणी 3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान की थी। इसी दौरान भीड़ में “तृषा, तृषा” के नारे लगे। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए।” बाद में सफाई दी कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था।
इसके बाद 4 अगस्त को उदयनिधि से पुलिस ने 8 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाहर आकर उन्होंने कहा कि विजय की पुलिस ने मेरे साथ आतंकवादी जैसा सुलूक किया। मैंने किसी महिला का अपमान करने की कोशिश नहीं की।