CJI बोले- बैंक डिजिटल अरेस्ट की जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते:अगर उनकी लापरवाही तो हर्जाना दें; 2026 में ₹800 करोड़ से ज्यादा की ठगी

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर गुरुवार को चिंता जताई। कहा कि जागरूकता अभियान और लगातार खबरें आने के बावजूद शिक्षित लोग भी इन घोटालों का शिकार कैसे हो रहे हैं।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कमेंट किया, ‘अगर बैंक की लापरवाही के कारण साइबर ठगी होती है तो बैंक पीड़ित को मुआवजा दें और जिम्मेदारी तय होने पर कार्रवाई का सामना करें। यह अभी प्रस्ताव है, अंतिम आदेश नहीं।’

2026 में देश में डिजिटल अरेस्ट के 22 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए। साइबर अपराधियों ने लोगों से 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की है। वहीं, 2025 में डिजिटल अरेस्ट के 58,239 केस सामने आए थे और करीब 1211 करोड़ रुपए की रकम ठगी गई थी।

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