भारत में हर साल लगभग 1.22 लाख करोड़ रुपए का खाना लोगों की थाली तक पहुंचने से पहले खराब हो जाता है। क्लाइमेट ट्रेंड्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके 2 कारण हैं- एक फल-सब्जियों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड-स्टोरेज की कमी और दूसरा मौसम का बदलाव व बढ़ती गर्मी।
देश के कुल ताजे उत्पादन में से सिर्फ 4% सामान को ही कोल्ड-स्टोरेज में रखने की सुविधा मिल पाती है। खाना बर्बाद होने से बाजार में चीजें कम पड़ती हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों के बजट और खाद्य महंगाई पर पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 30 से 40% फल-सब्जियां बाजार या ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही सड़ जाती हैं। वहीं, सही रखरखाव और ट्रांसपोर्ट की कमी के कारण 5 से 6% अनाज भी रास्ते में ही खराब हो जाता है। इससे खाद्य महंगाई 8.20% तक पहुंच सकती है।