अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए भारत सरकार ने यह फैसला लिया है। सरकार हर 15 दिनों में तेल की वैश्विक कीमतों की समीक्षा करने के बाद विंडफॉल टैक्स की दरों में संशोधन करती है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क घटाकर 0.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। इसमें 0.5 रुपए प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एसएईडी) शामिल है, जबकि रेवेन्यू इंटीग्रेशन चार्ज (आरआईसी) शून्य पर बना हुआ है।
डीजल के लिए शुल्क घटाकर 20 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। इसमें 20 रुपए प्रति लीटर का एसएईडी शामिल है और आरआईसी नहीं है। इसके अलावा, एटीएफ के निर्यात पर शुल्क एसएईडी के माध्यम से घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि घरेलू खपत के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क की समीक्षा हर पखवाड़े करती है। यह समीक्षा वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनरी मार्जिन में होने वाले बदलावों के आधार पर की जाती है।