सुप्रीम कोर्ट ने सैनिकों को अत्यधिक तकनीकी कारणों से दिव्यांगता का लाभ देने से इन्कार किए जाने के संबंध में रक्षा मंत्रालय की 2015 की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए इस बात पर अफसोस जताया कि सरकार ने दिव्यांग सैनिकों को पेंशन दिए जाने के खिलाफ दायर मामलों को तुरंत वापस लेने की सिफारिश लागू नहीं की है।
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में कई दिव्यांग सैनिकों को अब भी अत्यधिक तकनीकी कारणों से दिव्यांगता लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि दूसरे देश इस मामले में आगे बढ़ चुके हैं। रिपोर्ट में उन मामलों को वापस लेने की सिफारिश की गई थी, जिनमें दिव्यांग सैनिकों को दिव्यांगता पेंशन देने के आदेश को चुनौती दी गई है।
पीठ ने केंद्र सरकार की अपीलों को किया खारिज
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से दायर उन 271 अपीलों को खारिज कर दिया, जिनमें पूर्व सैनिकों को दिव्यांगता पेंशन देने के आदेशों को चुनौती दी गई थी।