एपल का लॉन्चिंग इवेंट कल यानी बुधवार रात 10:30 बजे होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इसमें आईफोन 18 प्रो, प्रो मैक्स और अल्ट्रा लॉन्च कर सकती है। लेकिन नए आईफोन से पहले जानते हैं उस नाम और फोन की कहानी, जिसने करीब दो दशक में मोबाइल की दुनिया बदल दी।
आपको जानकर हैरानी होगी कि आईफोन नाम शुरू में एपल का था ही नहीं। अमेरिकी नेटवर्किंग कंपनी सिस्को के पास इस नाम का ट्रेडमार्क था।
एपल के आईफोन लॉन्च करने के बाद सिस्को ने कंपनी के खिलाफ केस भी किया। बाद में दोनों कंपनियों में समझौता हुआ और दोनों आईफोन नाम इस्तेमाल करने पर सहमत हुए। हालांकि, सिस्को ने Wi-Fi और VoIP (वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) तकनीक वाले फोन को iPhone नाम से बेचा था।
एक और दिलचस्प बात यह है कि दुनिया का सबसे महंगा आईफोन करीब 1.5 करोड़ डॉलर यानी आज के हिसाब से करीब ₹142 करोड़ में बिका था। इसे ब्रिटिश डिजाइनर स्टुअर्ट ह्यूज ने कस्टमाइज किया था। इसमें 135 ग्राम 24 कैरेट सोना और 600 सफेद हीरे लगाए गए थे। होम बटन की जगह 24 कैरेट का काला हीरा लगाया गया था।
लेकिन एक नाम और एक बेहद महंगे मॉडल से कहीं बड़ी है आईफोन की कहानी। करीब दो दशक पहले एपल ने ऐसा फोन पेश किया, जिसने मोबाइल इस्तेमाल करने का तरीका ही बदल दिया।
आईफोन बेहद महंगे होने के बावजूद दुनिया में अब तक 300 करोड़ से ज्यादा बिक चुके हैं। इनमें से 250 करोड़ से ज्यादा एक्टिव हैं। 2018 में यह संख्या करीब 130 करोड़ थी। यानी सिर्फ 8 साल में करीब 120 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।