संसद का मानसून सत्र खत्म होने के 82 दिन बाद भी सत्रावसान नहीं किए जाने का मामला अब संसदीय रिकॉर्ड बुक में दर्ज किए जाने की दहलीज पर पहुंच गया है। कांग्रेस के अनुसार उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि इससे पूर्व सत्र खत्म होने के 81 दिन बाद तक सत्रावसान का रिकॉर्ड रहा है।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद भी मानसून सत्र का औपचारिक सत्रावसान यानी प्रोरोगेशन न किए जाने को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार की मंशा पर कड़े सवाल खड़े किए हैं और आरोप लगाया है कि इस असामान्य देरी के पीछे ‘कुछ तो गड़बड़’ है।
संसद के दोनों सदन 13 अगस्त को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए थे, लेकिन करीब चार हफ्ते बीत जाने के बावजूद राष्ट्रपति की ओर से सत्र की औपचारिक समाप्ति की अधिसूचना जारी नहीं की गई है। कांग्रेस का दावा है कि सरकार परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की संदिग्ध कोशिशों में लगी हुई है।