संक्रमण रोकने के लिए एक्शन में ममता, बंगाल में लोकल ट्रेनें निलंबित

कोलकाता, – पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के लिए अगली सूचना तक सभी स्थानीय ट्रेनों की आवाजाही को स्थगित करने की घोषणा की है। इसके अलावा अन्य राज्यों से उड़ान या ट्रेनों से आने वाले यात्रियों के लिए 7 मई मध्यरात्रि से कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य सरकार ने लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कई घोषणाएं की हैं।

लगातार तीसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभालने के कुछ घंटों बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, राज्य में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए कल से सभी स्थानीय ट्रेनों को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया जाएगा और राज्य परिवहन केवल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सड़कों पर चलेंगे। पिछले तीन महीनों में बहुत से बाहरी लोग राज्य में आए हैं और अब हमें इसे नियंत्रित करना होगा।

ममता ने कहा जब तक कि सभी यात्रियों के पास उड़ान भरने से 72 घंटे पहले तक की आरटी-पीसीआर (कोविड परीक्षण) की रिपोर्ट नहीं होगी, उन्हें राज्य के तीन हवाई अड्डों दमदम, बागडोगरा और अंडाल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल विमान के जरिए ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से ट्रेनों या अन्य साधनों से बंगाल में घुसने वालों को भी अपनी आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, रिपोर्ट के बिना उड़ान भरने वाले किसी भी यात्री को 14 दिनों के लिए क्वारंटीन रहना होगा और हवाई अड्डे के अधिकारियों को इसके लिए व्यवस्था करनी होगी। मुख्यमंत्री ने शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, बार, रेस्तरां और होटल पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं, बिजली और दूरसंचार जैसी आपातकालीन सेवाओं को किसी भी प्रकार के प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय दुकानें, बाजार स्थल और स्टैंड-अलोन दुकानें सुबह 7 बजे से सुबह 10 बजे और शाम 5 बजे शाम को 7 बजे तक खोली जा सकती हैं। केवल आभूषण की दुकानें और बैंक दोपहर 12 बजे से अपराह्न् 3 बजे और सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुले रहेंगे। मुख्यमंत्री ने लोगों से यह भी अनुरोध किया कि उन्हें मास्क पहनना चाहिए, अन्यथा सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

इसके अलावा राज्य सरकार ने सामाजिक-सांस्कृतिक और शैक्षणिक मनोरंजन कार्यक्रमों से संबंधित किसी भी तरह के आयोजन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल 50 लोगों को धार्मिक या सांस्कृतिक समारोहों जैसे विवाह या अन्य कार्यक्रमों में उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए भी स्थानीय अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता है।

राज्य ने न केवल कार्यालय में अपने कर्मचारियों की उपस्थिति में 50 प्रतिशत की कमी की है, बल्कि इसने निजी क्षेत्र के कार्यालयों को भी आधी क्षमता के साथ संचालन करने को कहा है। ममता ने परिवहन कर्मचारियों, पत्रकारों और फेरीवालों के टीकाकरण को प्राथमिकता देने की बात कही है, क्योंकि वे लोगों के सबसे अधिक संपर्क में आते हैं।

मगर इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा, हम उन लोगों को प्राथमिकता देना चाहते हैं, जो दूसरी खुराक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमने अब तक 1.5 करोड़ वैक्सीन दी हैं और अन्य 3 करोड़ के लिए अनुरोध किया है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इसे शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *