चिप्स और कोल्ड्रिंक जैसे खाने-पीने के प्रोडक्ट में अगर आर्टिफिशियल स्वीटर यानी बिना कैलोरी वाली मिठास है तो कंपनी को पैकेट के सामने चेतावनी देनी होगी।
इसमें लिखना होगा- ‘CONTAIN NON CALORIC SWEETENER यानी इसमें आर्टिफिशियल स्वीटनर मिला है।’ पहले यह जानकारी पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में होती थी।
फूड सेफ्टी अथॉरिटी FSSAI ने सोमवार को यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में पेश किया।FSSAI ने कोर्ट को बताया कि, नमक-शकर या सैचुरेटेड फैट की लिमिट ज्यादा हुई तो पैकेट के सामने षटकोण लाल निशान लगाने का नियम सिंगल फेज में लागू होगा। पहले ये 2 फेज में लागू होने वाला था।
बता दें कि आर्टिफिशियल स्वीटनर ज्यादा मात्रा में खाने-पीने से डायबिटीज और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बिमारी का खतरा बढ़ जाता है।