नवरात्रि 2025 से नवरात्रि 2026 के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण दौर रहा। मजबूत घरेलू आर्थिक वृद्धि और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के समर्थन के बावजूद वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों ने बाजार की रफ्तार पर असर डाला। इस अवधि में निफ्टी इंडेक्स 11 प्रतिशत गिर गया, जबकि इसके अधिकांश घटकों ने नकारात्मक रिटर्न दर्ज किए।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस कमजोरी की प्रमुख वजहें बाहरी कारक रहे, जिनमें अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी कच्चे तेल की कीमतें, रुपए में कमजोरी, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार बिकवाली शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने वर्ष 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से 3.04 लाख करोड़ रुपए निकाले हैं। इससे पहले 2025 में भी एफपीआई ने 1.66 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की थी। लगातार निकासी से बाजार की धारणा प्रभावित हुई।