संसद में सवाल पूछने के लिए एक व्यवसायी से धन लेने के विवाद को लेकर भाजपा के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के बीच शनिवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक ताजा लड़ाई छिड़ गई, जिसने राजनीतिक हलकों को हिलाकर रख दिया है.
दुबे ने शनिवार की शाम महुआ मोइत्रा का नाम लिए बिना ‘एक्स’ पर लिखकर कहा कि उन्होंने लोकपाल से शिकायत दर्ज करा दी है. उन्होंने कहा, “सीबीआई सुनते-सुनते थक गया हूं. आज लोकपाल को शिकायत दर्ज करा दिया. सांसद, मंत्री का भ्रष्टाचार लोकपाल ही देखता है, सीबीआई ही उसका माध्यम है.”
इससे पहले भाजपा सांसद ने शनिवार की सुबह महुआ मोइत्रा का नाम लिए बिना ‘एक्स’ पर दावा किया था कि सांसद की संसदीय आईडी दुबई से खोली गई थी, जब संबंधित सांसद भारत में थीं. उन्होंने कहा, “एक सांसद ने चंद पैसों के लिए देश की सुरक्षा गिरवी रख दी. संसद की आईडी दुबई से खोली गई, उस समय वह सांसद भारत में थीं. एनआईसी ने इसकी जानकारी जांच एजेंसी को दी.”
इसके कुछ ही घंटों बाद महुआ मोइत्रा ने कई पोस्ट जारी कर दुबे के दावों को चुनौती दी और एनआईसी से मामले में संबंधित विवरण जारी करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, “एनआईसी से अनुरोध है कि कृपया सांसदों के सभी विवरण सार्वजनिक रूप से जारी करें, ताकि यह दिखाया जा सके कि वे उस स्थान पर शारीरिक रूप से मौजूद थे जहां से उनके पीए और शोधकर्ताओं/प्रशिक्षुओं/कर्मचारियों द्वारा आईडी तक पहुंच बनाई गई थी. लीक के लिए फर्जी डिग्री वाले का उपयोग न करें, इसे अभी सार्वजनिक करें.”
पश्चिम बंगाल के नादिया में कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल सांसद ने यह भी दावा किया कि वह इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जाने वाली छापेमारी से अवगत हैं. उन्होंने अपने पत्र में कहा, “सीबीआई की आसन्न छापेमारी के बारे में भी संदेश मिला. मैं दुर्गा पूजा में व्यस्त हूं. मैं सीबीआई को घर आने और मेरे जूतों की जोड़ी गिनने के लिए आमंत्रित करती हूं. लेकिन पहले कृपया अडानी द्वारा भारतीयों से चुराए गए ₹13,000 करोड़ एफआईआर दर्ज करें.”
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बीते 16 अक्टूबर को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर उनसे सदन के सदस्यों के लिये बनी वेबसाइट पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के ‘लॉग-इन क्रेडेंशियल’ के ‘आईपी’ पते की जांच करने का आग्रह किया था.
गौरतलब है कि दुबे ने बीते 15 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के लिए एक उद्योगपति से ‘रिश्वत’ लेने का आरोप लगाया था. बिरला को लिखे पत्र में, दुबे ने वकील जय अनंत देहाद्राई से प्राप्त एक पत्र का हवाला दिया और कहा कि वकील ने ‘पुख्ता’ सबूत साझा किए हैं कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से ‘नकद’ और ‘उपहार’ के रूप में रिश्वत ली है.