अनुपम खेर ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ में कश्मीरी पंडित का किरदार निभाने में अपना पूरा दिल और दिमाग झोंक दिया था. उन्हें लगता है कि पुष्कर नाथ का रोल नेशनल अवॉर्ड का हकदार था, लेकिन जब बेस्ट मेल एक्टर का अवॉर्ड उन्हें न मिलकर ‘पुष्पा’ के अल्लू अर्जुन को मिला, तो वे काफी दुखी हुए. उन्होंने नेशनल अवॉर्ड न मिलने पर अब अपनी चुप्पी तोड़ी है.
‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) में पुष्कर नाथ का किरदार अनुपम खेर के बेहद आत्मीय है. उन्हें कश्मीरी पंडित की भावनाएं जताने में नाटक नहीं करना पड़ा. वे सहज ही बयां हो गए. अनुपम खेर की शानदार एक्टिंग का हर कोई मुरीद हुआ, लेकिन वे निराश हैं कि इतनी बेहतरीन परफॉर्मेंस देने के बाद भी उन्हें नेशनल अवॉर्ड से महरूम रखा गया. दिग्गज एक्टर ने साहित्यिक उत्सव ‘अभिव्यक्ति’ में नेशनल अवॉर्ड न मिलने पर दुख जताया.
अनुपम खेर ‘द कश्मीर फाइल्स’ में अपने रोल को लेकर बोले, ‘द कश्मीर फाइल्स में मेरा रोल काफी सोलफुल है, जिसके लिए मुझे एक्टिंग पर निर्भर नहीं होना पड़ा. मुझे भावनाएं जताने के लिए नाटक नहीं करना पड़ा. मैं अपने जज्बातों से सच जाहिर करने की कोशिश करता हूं. कुछ रोल को निभाने में ईमानदार नहीं होना पड़ता, क्योंकि उनके लिए क्राफ्ट की जरूरत पड़ती है.’
अनुपम खेर आगे कहते हैं, ‘द कश्मीर फाइल्स में पुष्कर नाथ का किरदार ऐसा एक रोल था, जिसमें क्राफ्ट की जरूरत नहीं थी, क्योंकि किरदार में रहते हुए हर एक सांस मेरे दिल की गहराइयों से थी.’
68 साल के अनुपम खेर ने कहा कि ‘कश्मीर फाइल्स’ में उनकी परफॉर्मेंस ग्रेट थी, जिसे नेशनल अवॉर्ड मिलना चाहिए था. हालांकि, उनका यह भी मानना है कि जिन्हें यह अवॉर्ड मिला, वे इसके पूरे हकदार थे. वे बोले, ‘जब मैंने ‘पुष्पा’ देखी, तो अल्लू अर्जुन की तारीफ की. मैंने इसे लेकर ट्वीट भी किया था.’ एक्टर ने कहा कि उन्हें अवॉर्ड न मिलने पर दुख जताने का हक है.