विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि आने वाला दौर दुनिया के लिए उथल-पुथल भरा होगा। टकराव और टैरिफ में उतार-चढ़ाव इसे अस्थिर बना देंगे। इन मुश्किल हालात से पैदा होने वाली चुनौतियों का सामना करना ही अभी सबसे जरूरी काम है।
जयशंकर ने पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन के दौरान एक संवाद सत्र में कहा-मुझे पूरा भरोसा है कि हम इन चुनौतियों का सामना कर लेंगे।
विदेश मंत्री से पूछा गया कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच वह आने वाली चुनौतियों को कैसे देखते हैं? जयशंकर ने कहा, हम जानते हैं कि यह उथल-पुथल का दौर होगा। और यह अनिश्चितताओं के साथ उतार-चढ़ाव वाला होगा।
हम दो प्रमुख संघर्ष देख रहे हैं। हम अन्य तनाव भी देख रहे हैं। गैर-बाजार कारकों का दबाव है। टैरिफ में उतार-चढ़ाव है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए… हां, ये मुश्किल हालात हैं।
हालांकि, मंत्री ने कहा कि भारत का रिकॉर्ड दिखाता है कि हम चुनौतियों का सामना करने में सक्षम रहे हैं। चाहे वह कोरोना हो या आज दोहरे संघर्ष की चुनौती। ऊर्जा, भोजन, उर्वरक की चुनौतियों को हमें अपने विचार, योजना और प्रतिक्रिया में शामिल करना होगा। एक तरह से यही हमारे सामने जरूरी काम है।