सुप्रीम कोर्ट बोला-धार्मिक वजह से वंदेमातरम न गाना अपराध नहीं:याचिकाकर्ता बोला- इसमें हिंदू देवताओं का जिक्र; केंद्र ने 47 दिन पहले कानून बनाया था

वंदे मातरम गीत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा, ‘धार्मिक कारणों से राष्ट्रगीत न गाने वाले व्यक्ति को आपराधिक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए।’ कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

कोर्ट ने यह देखने पर सहमति दी कि वंदे मातरम न गाने को दंडनीय अपराध बनाया जा सकता है या नहीं। कोर्ट ने यह तय करने से इनकार किया कि राष्ट्रगीत केवल दो अंतरों तक सीमित रहेगा या छह अंतरों तक होगा। कानून में वंदे मातरम के गायन को रोकने या गायन में जानबूझकर बाधा डालने को अपराध बनाया गया है।

यह सुनवाई गायक टीएम कृष्णा की याचिका पर हुई। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि अंतिम चार पैरा हिंदू देवताओं के प्रति भक्ति का आह्वान करते हैं। इन पैराग्राफ को गाना अनिवार्य बनाना देश के धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन है।

वंदे मातरम को कानून के दायरे में लाने वाला संशोधन बिल 29 जुलाई को राज्यसभा और 30 जुलाई को लोकसभा से पास हुआ था। इसके बाद 6 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून बन गया। आज इसे बने 47 दिन हो चुके हैं।

इसे शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *