पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट मीटिंग हुई। इसमें रेलवे के आठ मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं पर कुल ₹20 हजार करोड़ खर्च होंगे।
इन प्रोजेक्ट्स के तहत से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 20 जिलों में करीब 1,200km रेल लाइनें बढ़ाई जाएंगीं। इससे 6,900 गांवों के एक करोड़ लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
तेल आयात और कार्बन उत्सर्जन घटेगा
सरकार ने रेलवे को पर्यावरण के लिहाज से बेहतर और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम बताया है। नई रेल लाइनों से माल और यात्रियों के परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सरकार के अनुमान के अनुसार, इन परियोजनाओं से हर साल करीब 12 करोड़ लीटर तेल की बचत हो सकती है। इसके अलावा 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।
सरकार ने इस कमी को करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर बताया है। इससे देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।