केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि मानकों के बिना तेजी से खुल रहे निजी कृषि कालेजों और फर्जी डिग्रियां बांटने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को विनियमित करने के लिए जल्द ही कृषि परिषद का गठन किया जाएगा।
यहां एग्रीविजन के 10वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि कृषि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की ‘पहली प्राथमिकता’ है।
एक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि किसी को भी ‘सिर्फ फीस लेकर डिग्रियां बांटने का कारोबार’ चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बीएससी (कृषि) और एमएससी (कृषि) जैसी तकनीकी डिग्रियों को पूरा सम्मान मिले और उनका महत्व व्यर्थ न जाए।