वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की कैपिटल गेन टैक्स लेकर चिंताओं को सुनेगी और उसके बाद ही कोई फैसला लेगी। देश की आर्थिक राजधानी में फाइनेंशियल एक्सप्रेस लीडरशिप अवार्ड्स में बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि बाजार में बदले माहौल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने कर ढांचे में बदलाव को मांगों को तेज कर दिया है।
हालांकि, वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि मौजूदा कर ढांचा 2023 में भी वही था, जब भारत में रिकॉर्ड विदेशी निवेश आया था।
‘एफआईआई की निकासी हुई’
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा,”2023 में भी, जब निवेश का प्रवाह रिकॉर्ड स्तर पर था, तब भी टैक्स का ढांचा वैसा ही था जैसा आज है। आज हालात बदल गए हैं। एफआईआई की निकासी हुई है और चिंताएं भी बढ़ गई हैं। मैं इन सब बातों पर विचार करूंगी।”
वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार मौजूदा टैक्स व्यवस्था में कोई भी बदलाव करने से पहले कई पहलुओं पर विचार करेगी और साथ ही वैश्विक निवेशकों द्वारा जताई गई चिंताओं को भी ध्यान में रखेगी।