भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत ऐसी जगह पर आकर अटक गई है, जहां से आगे बढ़ना दोनों देशों के लिए मुश्किल हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘म्यूनिख लीडर्स मीटिंग’ के दौरान यह बात कही। ।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बात उस मोड़ पर पहुंच चुकी है जहां न तो भारत और छूट देने को तैयार है, और न ही अमेरिका। वित्त मंत्री ने कहा फिर भी अगर आगे बातचीत का कोई नया रास्ता निकलता है या गुंजाइश बनती है, तो दोनों देश उस पर बात करने के लिए तैयार हैं।
इसका क्या मतलब है 2 पॉइंट में समझें
- व्यापार समझौते में हर देश चाहता है कि उसके किसानों, कंपनियों और व्यापारियों का नुकसान न हो। एक हद के बाद कोई भी देश अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटना चाहता।
- इसका मतलब यह नहीं है कि डील टूट गई है, बल्कि इसका मतलब यह है कि फिलहाल गाड़ी थोड़ी धीमी हो गई है। जब तक डील नहीं होती, तब तक टैक्स पुराने जैसे ही बने रहेंगे।