नसीरुद्दीन शाह भारतीय सिनेमा के दिग्गज एक्टर हैं, मगर वे अपने अक्खड़पन और बेबाक बयानों की वजह से हमेशा विवादों से घिरे रहे. उन्होंने एक बार महाभारत और रामलीला का जिक्र करते हुए ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए थे, जबकि वे खुद वहां के छात्र रहे हैं. दिग्गज एक्टर ने एनएसडी से पासआउट कलाकारों को ‘जंपिंग मंकी’ तक कह दिया था. उन्होंने क्यों ऐसा कहा था, इसकी वजह एक इंटरव्यू में बताई.
नसीरुद्दीन शाह उन गिने-चुने सितारों में से हैं, जो अपनी नाराजगी और मतभेद जाहिर करने से गुरेज नहीं करते, जिसकी वजह से वे कुछ लोगों को अखरते भी हैं. दिग्गज एक्टर ने सालों पहले ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ के वजूद पर अपनी नाराजगी जताई थी. महाभारत और रामलीला का उदाहरण देते हुए एनएसडी की आलोचना की थी.
नसीरुद्दीन शाह ने राज्यसभा टीवी को दिए एक इंटरव्यू में एनएसडी को लेकर कहा था, ‘वेस्टर्न थियेटर के बजाय अगर महाभारत के कथन या रामलीला से वाकिफ होते, तो शायद उस तरह का असर हम पर डालते, जो शायद बिल्कुल नहीं हुआ. पश्चिमी किस्म की ट्रेनिंग रही है. एक नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा बनाकर गलती की, जिसमें को कोई केरल से आया है, तो कोई मणिपुर से आया है, कोई श्रीलंका से आया है, तो कोई बांग्लादेश से आया है और वहां आकर आप उसको ‘ख़’ और ‘ग़’ सिखा रहे हो?’