भारतीय शेयर बाजार की दिशा 28 सितंबर, सोमवार से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में काफी हद तक ग्लोबल संकेतों से तय होगी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल के ऊंचे दाम और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे फैक्टर्स मार्केट के सेंटिमेंट को प्रभावित करेंगे।
NSE के ट्रेडिंग कैलेंडर के मुताबिक, महात्मा गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर, शुक्रवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में पिछले छह सालों की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई थी। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बॉन्ड यील्ड और महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजराइल से विवाद सिर्फ बातचीत से सुलझेगा। हालांकि राष्ट्रपति ट्रम्प के होर्मुज रूट खोलने का प्रस्ताव ठुकराने से तनाव बढ़ गया है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि शर्तें पूरी होने पर ही यह रास्ता खुलेगा, जो दुनिया के तेल व्यापार की मुख्य लाइफलाइन है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर दोनों देशों में सहमति बनती है तो भारत का ऑयल इंपोर्ट बिल घटेगा और रुपए को राहत मिलेगी। वहीं तनाव जारी रहने पर क्रूड ऑयल और भारतीय शेयर बाजार में उथल-पुथल बनी रहेगी।