लद्दाख में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे लेह एपेक्स बॉडी (LAB) ने 9 सितंबर को गृह मंत्रालय के साथ होने वाली बातचीत से पहले आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। LAB ने कहा कि अगर बैठक में ठोस और सकारात्मक प्रगति नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
LAB और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) लद्दाख को विधानसभा का अधिकार देने, अनुच्छेद 371 के तहत सुरक्षा, पिछले साल 24 सितंबर की हिंसा के मामलों को वापस लेने, पीड़ितों को मुआवजा देने और जांच आयोग की रिपोर्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं। LAB चेयरमैन त्सेरिंग दोरजे लाक्रुक ने कहा कि 80 मामलों में से अब तक सिर्फ 25 मामले वापस लिए गए हैं। उन्होंने केंद्र पर लद्दाख के साथ भेदभाव का आरोप लगाया।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बताया कि 10 सितंबर से प्रस्तावित करगिल-लेह पदयात्रा को 9 सितंबर की बातचीत को देखते हुए फिलहाल टाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत का नतीजा संतोषजनक नहीं रहा तो पदयात्रा फिर शुरू की जा सकती है। LAB चाहता है कि बैठक में प्रस्तावित लद्दाख विधानसभा की शक्तियों और अधिकारों का विस्तृत मसौदा रखा जाए।