पंजाब सरकार DA मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची:कहा-₹14191 करोड़ देना संभव नहीं, केंद्र से ज्यादा सैलरी दे रहे; मुलाजिम बोले-ये फिर मुंह की खाएंगे

पंजाब के करीब 3.5 लाख स्थायी कर्मचारी और करीबन 4 लाख पेंशनर्स पिछले तीन वर्ष से महंगाई भत्ते के इंतजार में हैं।

लंबित डीए और डीआर के भुगतान का मामला सड़क से हाई कोर्ट तक पहुंचने के बाद अब यह कर्मचारियों और सरकार के बीच सबसे बड़ा टकराव का कारण बन गया है।

इससे सरकार के खजाने पर 25 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है। कर्मचारी इसे अपना हक मान रहे हैं लेकिन सरकार का तर्क है कि कर्मचारियों को पहले से ही ज्यादा वेतन मिल रहा है।

1. विवाद क्या है?

केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि पंजाब राज्य कर्मचारियों को 42 प्रतिशत मिल रहा है। मुलाजिम संगठनों का कहना है कि इससे भी बड़ी विसंगति ये है कि पंजाब सरकार में ही तैनात आइएएस, आइपीएस, आइएफएस व ज्यूडिशियल अधिकारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है और बाकी सभी कर्मचारियों को 42 प्रतिशत।

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