दिल्ली-मुंबई में हवा प्रदूषण से लोगों का बुरा हाल हो गया है. लेकिन सिर्फ इन महानगरों का यह हाल नहीं हुआ है बल्कि हैदरबाद और कोलकत्ता का भी बुरा हाल है. इन शहरों में वायु प्रदूषण ने पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. दिवाली से पहले ही इन शहरों में लोग प्रदूषण से घुट रहें है, आंखों में चुभन और सीने में जलन से जूझ रहे हैं.
एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में वायु प्रदूषण 2019 से 2023 तक में दोगुना हो चुका है. लिविंग साइंसेज की रिपोर्ट के अनुसार भारत के इन 4 बड़े राज्यों में 2019 से 2023 तक प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा है. मालूम हो कि मुंबई में समुद्री हवाओं के कारण यहां के वातावरण काफी साफ रहता है, लेकिन बीते वर्षों में यहां वायु प्रदूषण में 42.1 फीसद का इजाफा हुआ है.
एक्शन में मुंबई प्रशासन
मुंबई प्रशासन वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कमर कस लिया है. 350 बसों में एयर फिल्टर लगाया गया है, खास जगहों पर एयर प्यूरिफिकेशन लगाए गए हैं. प्रशासन ने जगह-जगह एक खास तरह की स्ट्रीटलाइट्स लगाईं है. इसके अलावे कई जगहों पर धूल कणों के दबाने के लिए ऊंचई से पानी की छिड़काव की जा रही है.
NCR के शहरों का बुरा हाल
दिल्ली एनसीआर में हवा दमघोंटू हो गई है. पिछले एक सप्ताह में यहां की एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) 400 के लेवल को पार कर गया है. एनसीआर में दिल्ली के अलावा, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम की भी स्थिती काफी दयनीय है.