नया मोबाइल सिम कनेक्शन लेने के लिए अब डिजिटल KYC या e-KYC की प्रोसेस अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने आम उपभोक्ताओं के लिए बल्क सिम कार्ड जारी करने पर भी सख्त रोक लगा रखी है।
टेलिकॉम डिपार्टमेंट (DoT) के नियमों के मुताबिक, कोई भी एक व्यक्ति अपने नाम पर आधार कार्ड से अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है।
यह नियम कनेक्शनों को रेग्युलेट करने के लिए बनाया गया था, लेकिन आधार डिटेल्स के बढ़ते गलत इस्तेमाल को देखते हुए अब समय-समय पर यह चेक करना जरूरी हो गया है कि आपकी पहचान पर कितने सिम एक्टिव हैं।
धोखाधड़ी का खतरा क्यों बढ़ा?
टेलिकॉम कंपनियां नया सिम कार्ड जारी करने के लिए आधार को एक वैध पहचान और पते के दस्तावेज के रूप में स्वीकार करती हैं।
इससे आधार आधारित वेरिफिकेशन तो आसान हो जाता है, लेकिन अगर आपकी आईडी किसी गलत हाथों में पड़ जाए तो बड़ा जोखिम खड़ा हो सकता है।
जालसाज कथित तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति के पहचान पत्रों का इस्तेमाल करके सिम कार्ड खरीद लेते हैं। इसके बाद इन नंबरों का इस्तेमाल फर्जी कॉल्स, एसएमएस, सोशल मीडिया अकाउंट्स या फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए किया जाता है।
टेलीकॉम विभाग के संचार साथी से ऐसे चेक करें
- आधार के इस मिसयूज को रोकने और ग्राहकों को सतर्क करने के लिए सरकार ने ‘संचार साथी’ पोर्टल पेश किया है।
- इसके तहत टेलीकॉम एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन (TAFCOP) की सुविधा दी गई है।
- इसके जरिए उपभोक्ता अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की लिस्ट देख सकते हैं और अनजान नंबरों की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।