CJI बोले-न्यायपालिका जांच के दायरे से बाहर नहीं रह सकती:जवाबदेही के लिए आलोचना जरूरी; जजों के खिलाफ हर शिकायत को वेबसाइट पर नहीं डाल सकते

भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए न्यायपालिका को जांच और आलोचना का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका के कामकाज की निष्पक्ष और रचनात्मक आलोचना जरूरी है। इससे न्याय व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ती है और सुधार का रास्ता खुलता है।

CJI ने कहा कि जजों को अपने कार्यकाल के अलग-अलग चरणों में शिकायतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हर शिकायत को वेबसाइट पर सार्वजनिक कर देना चाहिए।

सूर्यकांत ने यह बात ‘जस्टिस सीन टू बी डन: ट्रांसपेरेंसी एंड पब्लिक ट्रस्ट ऐज पिलर्स ऑफ द लीगल सिस्टम’ विषय पर आयोजित छठे राम जेठमलानी स्मृति व्याख्यान में कही। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में किया गया था।

इसे शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *