सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय ओका ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राजनीतिक दबदबे से मुक्त रहनी चाहिए। इसके लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था और स्वतंत्र संस्थाओं की सुरक्षा का ढांचा जरूरी है।
जस्टिस अभय रविवार को ठाणे में ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड अस’ विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने संवैधानिक पदों पर नियुक्ति में जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। साथ ही, बोलने की आजादी मौलिक अधिकार है। किसी तर्क का जवाब शारीरिक ताकत से नहीं, तर्क से दिया जाना चाहिए।
रिटायर जस्टिस ओका ने 15 अक्टूबर को SIR को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को मई 2026 में दिए SIR को सही ठहराने वाले अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।