सऊदी अरब के पास दुनिया के सबसे आधुनिक हथियारों में शामिल लड़ाकू विमान और मिसाइलें हैं। अमेरिका भी उसे हथियार और खुफिया जानकारी देकर मदद करता रहा है। इसके बावजूद सऊदी अरब यमन के हूती विद्रोहियों को हरा नहीं पाया।
2015 में शुरू हुई लड़ाई को 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन हूती अब भी यमन के बड़े हिस्से पर काबिज हैं। वे सऊदी अरब के अंदर तक ड्रोन और मिसाइलों से हमले करने की क्षमता रखते हैं।
हालात अब ऐसे हैं कि सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा के लिए लगातार पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, हूती पीछे हटने के बजाय सऊदी के एयरपोर्ट और तेल रिफाइनरियों पर हमला कर रहे हैं।