सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज वसूली और वाहन जब्ती को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि फाइनेंस कंपनियां या बैंक ईएमआई (EMI) डिफॉल्ट होने पर बलपूर्वक या आधी रात को चुपचाप गाड़ी का ताला तोड़कर उसे जब्त नहीं कर सकतीं।
गिरवी रखे गए वाहनों को वापस पाने के लिए फाइनेंसरों द्वारा ताकत के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक फाइनेंसर को उस ट्रक मालिक को 15 लाख रुपये देने का आदेश दिया है, जिसने वाहन खरीदने के लिए 10.4 लाख रुपये का लोन लिया था।
जून 2021 में लोन मंजूर होने के लगभग दो साल बाद चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस ने ईएमआई का भुगतान न करने पर चुपके से ट्रक वापस ले लिया। 9 अप्रैल, 2023 को अयोध्या के एक गोदाम के सीसीटीवी फुटेज में चार लोगों को रात करीब 1 बजे वाहन का स्टीयरिंग लॉक तोड़ते और उसे ले जाते हुए देखा गया।