दिल्ली में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद एक तस्वीर ने फिर ध्यान खींचा। दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक के बाद कार में सवार होकर इनोप्रोम प्रदर्शनी तक साथ गए। ये कार पुतिन की बख्तरबंद ओरस सीनेट है।
इससे पहले दोनों नेता ने 12 दिन पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में साथ यात्रा की थी। मोदी के पीएम बनने के बाद यह भी पहली बार नहीं है, जब वह किसी विदेशी नेता के साथ कार में बैठे हों। 2014 के बाद वह ओबामा, मैक्रों समेत कई विश्व नेताओं के साथ 11 बार कार राइड कर चुके हैं।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा में उनकी लिमोजिन कार ‘ऑरस सीनेट’ चर्चा में है। 7 टन वजनी ये कार एक चलता-फिरता किला है। इसका 900 किलो का एक डोर हाथ से नहीं हाइड्रोलिक सिस्टम से खुलता है।
कार की टॉप स्पीड 250 किमी प्रति घंटा है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की कार ‘द बीस्ट’ से दोगुनी स्पीड से दौड़ती है। ‘द बीस्ट’ की स्पीड 112 किमी प्रति घंटा है। ये कार पूरी तरह से बुलेट और ब्लास्ट प्रूफ है।