उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करें किसान : तोमर


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करने की सलाह देते हुए कहा कि मृदा संसाधन को इस्तेमाल प्रकार किया जाना चाहिए भावी पीढ़ी भी इस संसाधन का भरपूर उपयोग कर सके। तोमर और केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने यहां मंगलवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), पूसा में आयोजित द्विवार्षिक उर्वरक प्रयोग जागरूकता कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए उन्हें उर्वरकों का समुचित उपयोग करने और जमीन की उर्वरा शक्ति बनाए रखने की सलाह दी।

इस कार्यक्रम को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के 714 कृषि विज्ञान केंद्रों पर एकत्रित किसानों ने देखा।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, “हमारे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का योगदान 14 फीसदी है, लेकिन इसमें काफी संभावना है जिससे जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ सकता है।”

उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर करती है, लेकिन भोजन की जरूरतों के लिए सभी लोग इसी पर निर्भर हैं। लिहाजा, कृषि उत्पादन, उत्पादकता और इसकी निरंतरता में सुधार की जरूरत है।

तोमर ने कहा, “मिट्टी को संतुलित मात्रा में उर्वरकों, सूक्ष्म पोषक तत्वों और रसायनों की जरूरत होती है। अत्यधिक इस्तेमाल किए जाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति समाप्त हो सकती है, इसलिए इसका इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक किया जाना चाहिए।”

इस मौके पर सदानंद गौड़ा ने किसानों से हिंदी में संवाद किया। उन्होंने कहा, “मुझे हालांकि बहुत अच्छी हिंदी नहीं आती है, लेकिन मैं हिंदी में ही आपको संबोधित करने की कोशिश करूंगा।”

गौड़ा ने कहा कि कृषि ग्रामीण भारत की मुख्य आजीविका है और देश में खाद्यान्नों के उत्पादन की जरूरतों को पूरा करने के लिए उर्वरक सबसे अहम इनपुट है, लेकिन मृदा संरक्षण के लिए इसका उचित इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “खाद्यान्नों, पोषण, पर्यावरण और आजीविका की सुरक्षा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मृदा संरक्षण जरूरी है।”

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