चीन हमेशा मानवाधिकार का प्रवर्तक और प्रेरक बनेगा : ल्यू हुआ


चीनी विदेश मंत्रालय की मानवाधिकार मामले पर विशेष प्रतिनिधि ल्यू हुआ ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 42वें सम्मेलन के दौरान मीडिया को बताया कि हर आदमी का मानवाधिकार होना मानव समुदाय का समान आदर्श है और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का अनुसरण भी है। चीनी मानवाधिकार की उपलब्धियों का मुख्य कारण चीनी विशेषता वाले मानवाधिकार विकास के रास्ते पर कायम रहना है। चीन हमेशा मानवाधिकार कार्य का प्रवर्तक, कार्यावयनकर्ता और प्रेरक बनेगा।

ल्यू हुआ ने कहा कि चालू साल चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। 70 वर्षों में सीपीसी के मज़बूत नेतृत्व में चीनी जनता ने मानवाधिकार सुनिश्चित करने का शानदार अध्याय जोड़ा है। चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वर्ष 2018 में चीन की जीडीपी 900 खरब युआन से अधिक रही। कई वर्षों तक विश्व आर्थिक वृद्धि में चीन का योगदान 30 प्रतिशत से अधिक रहा। चीन ने लगभग 1 अरब 40 करोड़ लोगों के खाने और कपड़े की समस्या का समाधान किया और 85 करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति किया। वर्ष 2020 में चीन पूरी तरह गरीबी को दूर करेगा।

ल्यू हुआ ने कहा कि चीन ने मानवाधिकार के सम्मान और गारंटी को संविधान और सीपीसी पार्टा चार्टर में शामिल किया और सपूर्ण खुशहाल समाज के निर्माण का एक मुख्य लक्ष्य निर्धारित किया। अब चीन में मानवाधिकार की गारंटी के लिए संपूर्ण कानूनी व्यवस्था स्थापित की गयी है।

ल्यू हुआ ने कहा कि अपने काम को बखूबी अंजाम देना वास्तव में विश्व मानवाधिकार के लिए चीन का सबसे बड़ा योगदान है । 140 करोड़ लोगों को अमन चैन, आज़ाद और सुखमय जीवन देना सबसे बड़ी मानवाधिकार परियोजना है और मानवाधिकार का सबसे अच्छा अभ्यास है।

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