
नई दिल्ली। विदेशी बाजारों से निराशाजनक संकेतों के कारण गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में कोहराम मच गया। बिकवाली के भारी दबाब में निफ्टी 10000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर बंद हुआ। सेंसक्स और निफ्टी दोनों में दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व द्वारा अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कमजोरी रहने की आशंका जताए जाने से निवेशकों का मनोबल टूटा और बिकवाली के भारी दबाव में सेंसेक्स 708.68 अंकों यानी 2.07 फीसदी की गिरावट के साथ 33,538.37 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 214.15 अंक यानी 2.12 फीसदी लुढ़ककर 9,902 पर ठहरा।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र की क्लोजिंग के मुकाबले 32.36 अंकों की कमजोरी के साथ 34214.69 पर खुला और कारोबार बंद होने से पहले 33,480.42 तक लुढ़का। दिनभर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स का ऊपरी स्तर 34,219.39 रहा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र के मुकाबले 22.05 अंकों की गिरावट के साथ 10094.10 पर खुला और 9885.05 तक लुढ़का, जबकि कारोबार के दौरान निफ्टी का ऊपरी स्तर 10,112.05 रहा।
बीएसई के सभी 19 सेक्टरों में गिरावट रही, जबकि सबसे ज्यादा गिरावट आईटी (4.04 फीसदी), धातु (2.85 फीसदी), बैंक इंडेक्स (2.79 फीसदी), वित्त (2.22 फीसदी) और टेक (2.19 फीसदी) शामिल रहे।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 2914 शेयरों में से 1101 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1643 शेयरों में गिरावट रही। कारोबार के आखिर में 170 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। फेड ने अमेरिका की जीडीपी में इस साल 6.5 फीसदी की गिरावट आने और बेरोजगारी दर